1. ख़ामोश मोहब्बत की शायरी मैं पागल नहीं हूं जो तुम्हें समझ ना सकूं तेरी खामोशी का मतलब पढ़ ना सकूं बस मोहब्बत ने मुझे खामोश रहना सिखा दिया वरना तेरे बदलते का रंग का जवाब दे सकता हूं। 2. निगाहों के नशे की शायरी मदहोश होना चाहता हूं इन निगाहों के मयखाने से बस एक जाम ए दीदार मिल जाए तेरे पैमाने से तेरी आंखों में ऐसा नशा है कि होश ठहरते ही नहीं अब दिल का हर रिश्ता है सिर्फ तेरे मुस्कुराने से। 3. बदले हुए वादों की शायरी वादों से यूं पलट जाती हो जैसे कभी मोहब्बत थी ही नहीं और मैं आज भी उसी यकीन में हूं जैसे तुम बदली ही नहीं। 4. दीदार और तसव्वुर की शायरी बिना दीदार के अब सुकू मयस्सर कहां हर लम्हा तेरी यादों का कारवां साथ रहता है ये इश्क भी कैसी अजीब इबादत ठहरी हर सांस में बस तेरा ही तसब्बुर रहता है। 5. अधूरी ख्वाहिश और तन्हाई की शायरी मिल रहा है मुझे ख्वाहिशों की तरह हर बार करीब आकर बिखर जाता हूं जिसे अपना समझ कर दिल ओ जान सौंप दिया वही मेरी तन्हाईयां की वजह बन गया है।
ख्वाहिशों के इजहार की बेकरारी है अकेले में मुलाकात की बेकरारी है दूर रहकर जीना दुश्वार हो गया है सच कह रहा हूं मुझे इस कदर प्यार हो गया है
तुम्हें हमसफर बनाने का इरादा है रूह कहने लगी है तुम जिंदगी हो अब अकेले गुजर संभव नहीं है
जब मुलाकात होती है तेरे दीदार में खो जाता हूं हद से ज्यादा दिल को सुकून मिलता है जिंदगी नए जोश के साथ जीने का जुनून मिलता है
तुम्हारी मुस्कान से रोम-रोम खिल उठता है जिंदगी से सभी मुश्किलें दूर हो जाती है जब उम्र भर साथ निभाने के वादों पर खरा उतरती नजर आती हो